Monday, November 16, 2015

प्रधानमंत्री का ब्रिक्स नेताओं की बैठक में उद्घाटन संबोधन का मूल पाठ

महामहिम राष्ट्रपति श्री व्लादीमिर पुतिन,
महामहिन राष्ट्रपति श्री शी जिनपिंग,
महामहिम राष्ट्रपति श्री जैकब जुमा,
महामहिम राष्ट्रपति सुश्री डिल्मा रॉसेफ,
मैं, आज की बैठक के लिए किए गए बेहतरीन इंतजाम और ब्रिक्स में नेतृत्व के लिए हमारे मेज़बान राष्ट्रपति श्री पुतिन का धन्यवाद करता हूं।
7वें सफल ब्रिक्‍स सम्‍मेलन की मेजबानी के लिये बधाई।
महामहिम,
हम पेरिस में घटी खौफनाक आंतकी घटना का एकजुट होकर कड़ी भर्त्सना करते हैं। हम सिनाई में मारे गए लोगों के लिए रूस के साथ अपनी सहानुभूति और समर्थन व्यक्त करते हैं। अंकारा और बेरूत भी आतंकवाद के बढ़ते प्रभाव की याद दिलाते हैं।
आतंकवाद के खिलाफ पूरी मानवता को एकजुट होकर खड़े होना होगा। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए मिल कर वैश्विक प्रयास करने की तुरंत इतनी अधिक आवश्यकता कभी नहीं थी। ब्रिक्स राष्ट्रों के लिए भी यह प्राथमिकता होनी चाहिए।
एक समय था जब ब्रिक्स के तर्कों और इसकी मजबूत क्षमताओं पर प्रश्नचिन्ह लगाया जाता था। हमने अपने कार्यों के जरिए इसकी प्रासंगिकता के सबूत और ब्रिक्स के मूल्य प्रदान किए और यह बड़ी वैश्विक चुनौतियों के समय सामने आए।
नया विकास बैंक, मुद्रा भंडार व्यवस्था और ब्रिक्स आर्थिक सहयोग के लिए रणनीति, हमारी परिकल्पना और हमारी प्रतिबद्धता के स्पष्ट सबूत हैं। हम एकजुट होकर जी-20 को भी आकार दे सकते हैं।
भारत ब्रिक्स को सबसे अधिक महत्व देता है। 01 फरवरी, 2016 से ब्रिक्स की अध्यक्षता पाने और अन्य सदस्यों द्वारा किए गए महान कार्यों पर हम गौरवान्वित हैं।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय होगा बिल्डिंग रिस्पॉन्सिव, इन्क्लूसिव एंड कलेक्टिव सॉल्‍यूशंस, जो संक्षिप्त में ब्रिक्स होगा। यह हमारे समूह के सिद्धांतों को सही तरीके से व्‍यक्‍त करता है।
हमें प्रसन्नता है कि ब्रिक्स सहयोगी, चीन ने दिसंबर, 2015 में जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की है। हम चीन को उसकी अध्यक्षता के दौरान पूरे समर्थन का आश्वासन देते हैं।
धन्यवाद।

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