Monday, October 6, 2014

चौथी राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतिस्पर्धा (एनएलईपीसी) आरंभ

चौथी राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतिस्पर्धा (एनएलईपीसी) आरंभ
भारत सरकार में कैबिनेट सचिव आईएएस श्री अजित कुमार सेठ ने आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चौथी राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतिस्पर्धा (एनएलईपीसी) का औपचारिक आरंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी के विभिन्न स्टॉल देखे और देश के विभिन्न भागों से बच्चों की ओर से लाए गए विज्ञान मॉडल देखे। उन्होंने इन आश्चर्यजनक नई चीजों की प्रशंसा की। श्री सेठ के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव प्रो. के. विजय राघवन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव डॉ. टी. रामासरनी, श्रीमती रीता मेनन और अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद थे।

इस अवसर श्री सेठ ने संवाददाताओं से कहा कि युवा प्रतिभाओं ने निश्चित रूप से अपनी प्रतिभा के जौहर दिखाए हैं और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिष्ठित योगदान के लिए भविष्य उनकी राह देख रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय का अनोखा कार्यक्रम प्रेरक अनुसंधान के लिए विज्ञान परिदृश्य में नवाचार राष्ट्रीय कार्यक्रम (इन्सपायर) है जो विज्ञान के अध्ययन के लिए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आकर्षित करने और अनुसंधान में करियर बनाने के लिए कार्यान्वित किया जा रहा है। यह ऐसे आयोजनों के लिए सही मंच है।

इन्सपायर का मूल उद्देश्य देश के युवा वर्ग तक विज्ञान के रचनात्मक पहलुओं का संचार करना है ताकि वे आरंभिक आयु में ही विज्ञान का अध्ययन करें और इस प्रकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रणाली एवं अनुसंधान एवं विकास की बुनियाद को मजबूत एवं विस्तार में योगदान दें। यह कार्यक्रम 13 दिसंबर, 2008 को आरंभ किया गया था। 2009-2010 के दौरान इसका कार्यान्वयन शुरू हुआ।

इन्सपायर कार्यक्रम के तहत 10-32 वर्ष की आयु के विद्यार्थी आते हैं। इसके पांच घटक हैंः- इन्सपायर अवार्ड (10-15 वर्ष के आयु समूह के लिए), वैश्विक अग्रणी वैज्ञानिकांे के साथ बातचीत के अवसर के साथ विज्ञान शिविर में इन्सपायर इंटरर्नशिप (16-17 वर्ष के आयु समूह के लिए), उच्च शिक्षा के लिए इन्सपायर छात्रवृत्ति (17-22 वर्ष के आयु समूह के लिए) - बीएससी एवं एमएससी स्तर पर शिक्षा जारी रखने के लिए रु. 80,000 प्रति वर्ष, डॉक्टोरल शोध के लिए इन्सपायर छात्रवृत्ति (22-27 वर्ष के आयु समूह के लिए) तथा सुनिश्वत कैरियर अवसर के लिए इन्सपायर संकाय (27-32 वर्ष के आयु समूह के लिए)।

इस तिथि तक 11 लाख से अधिक इन्सपायर प्रदान किए जा चुके हैं। पुरस्कृत जनों में से करीब 47.61 प्रतिशत छात्राएं और 25.85 प्रतिशत अजा/अजजा से संबंधित हैं। इस योजना पर अब तक 673 करोड़ 81 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं जिनमें से 118 करोड़ 25 लाख रुपये विभिन्न स्तरों पर प्रतिस्पर्धाएं आयोजित करने के संबंध में खर्च के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को जारी किए गए हैं।

चौथी राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतिस्पर्धा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने आयोजित की है। प्रदर्शनी स्कूली बच्चों/शिक्षकों के लिए 7 अक्तूबर, 2014 से सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुली है। प्रगति मैदान के द्वार संख्या 7 से निशुल्क प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। 

No comments: