सरकार ने सभी आयकरदाताओं से अपनी वास्तविक आय का खुलासा तथा उचित कर अदा करने का आग्रह किया

सरकार ने सभी आयकरदाताओं से अपनी वास्तविक आय का खुलासा तथा उचित कर अदा करने का आग्रह कियावित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के आयकर विभाग ने अब दूसरे चरण में आंकड़ों का मिलान कर आयकर नहीं भरने वाले 21.75 लाख अतिरिक्त संभावित लोगों की पहचान की है। पहले चरण में विभाग ने 50 हजार संभावित कर अदा नहीं करने वालों को पत्र भेजे हैं। कर अदा नहीं करने वाले इन 21.75 लाख नए लोगों के बारे में जानकारी आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के 'कॉम्पलिएंश माड्यूल' पर उपलब्ध है लेकिन यह जानकारी पोर्टल पर पैन नंबर भरने के बाद ही प्राप्त हो सकेगी।

इससे पहले आयकर विभाग ने फरवरी 2013 में एक 'बिजनेस इंटेलीजेंस प्रोजेक्ट' शुरू किया था जिसमें आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले पैन कार्ड धारकों को पहचान की गई थी। इनके बारे में जानकारी वार्षिक सूचना रिटर्न (एआईआर), केंद्रीय सूचना ब्रांच (सीआईबी) आंकड़ा तथा टीडीएस/टीसीएस रिटर्न्स पर उपलब्ध है। आंकड़ा मिलान के पहले चरण में 12.19 लाख रिटर्न नहीं भरने वालों की पहचान की गई है।

इस सम्बंध में अनुपालन प्रबंधन प्रकोष्ठ और आकलन अधिकारियों ने आयकरदाताओं की प्रतिक्रिया जानने के लिए पत्र भेजे हैं। इस प्रयास के नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं और लक्षित वर्ग से 5,36,220 रिटर्न प्राप्त हो चुके हैं। ऐसे वर्ग की तरफ से 1017.87 करोड़ रुपये का स्व आकलन कर तथा 898.22 करोड़ रुपये अग्रिम कर का भुगतान किया जा चुका है।

सरकार ने सभी करदाताओं से अपनी वास्तविक आय का खुलासा करने तथा उचित कर भरने का आग्रह किया है लेकिन आयकर विभाग आयकर नहीं देने वाले लोगों के खिलाफ जबर्दस्त अभियान उस समय तक लगातार जारी रखेगा जब तक ऐसे लोगों को कर के दायरे में नहीं लाया जाएगा।

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वि.कासोटिया/जेके/एपीएस-899
(Release ID 27083)


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